A stunning Bengal tiger captured in its natural habitat — representing the strength and beauty of wildlife.
“बाघ सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि जंगल की आत्मा है।” Tiger के लिए कुछ पंक्तियाँ
The Tiger Full Information in Hindi – 2025
बाघ सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि हमारे जंगलों की धड़कन है। 🌿
जिस दिन जंगलों से बाघ की दहाड़ ख़ामोश हो जाएगी, उस दिन हमारी धरती भी चुप हो जाएगी।
बाघ की आँखों में बसती है जंगली शान, उसकी चाल में झलकती है प्रकृति की ताकत,
और उसकी उपस्थिति बताती है कि हमारा जंगल अब भी ज़िंदा है।
लेकिन अफ़सोस, आज इंसान की लालच और शिकार ने इस जंगल के राजा को
लुप्तप्राय (endangered) बना दिया है। 💔
हर पेड़ के गिरने के साथ, हर शिकार के साथ,
हम बाघ से नहीं, बल्कि अपने भविष्य से दूर हो रहे हैं।
आओ, मिलकर ये कसम लें कि हम बाघ को सिर्फ़ किताबों या तस्वीरों में नहीं,
बल्कि जंगल की हवा में जिंदा रखेंगे। 🌍
क्योंकि जब तक बाघ है — धरती में जान है। 🐾
Tiger – यह नाम सुनते ही ताकत, साहस और रहस्य की छवि मन में उभर आती है। यह धरती के सबसे शानदार और ताकतवर जीवों में से एक है। बाघ न केवल भारत का राष्ट्रीय पशु है बल्कि पूरी दुनिया में वन्यजीवन का एक प्रमुख प्रतीक माना जाता है |बाघ (Panthera tigris) बिल्ली परिवार (Felidae) का सबसे बड़ा सदस्य है। इसके शरीर पर सुनहरा-नारंगी रंग और काली धारियाँ होती हैं जो इसे बेहद आकर्षक बनाती हैं।
बाघ एशिया का मूल निवासी है और यह एक अकेला रहने वाला (Solitary) शिकारी होता है। यह घने जंगलों, दलदलों और घास के मैदानों में रहना पसंद करता है।
Tiger की पूरी जानकारी के लिए पढे- The Tiger Full Information In Hindi – 2025
बाघों का वैज्ञानिक वर्गीकरण नाम क्या है ?
वैज्ञानिक वर्गीकरण (Scientific Classification)
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| राज्य | Animalia |
| संघ | Chordata |
| वर्ग | Mammalia |
| गण | Carnivora |
| कुल | Felidae |
| वंश | Panthera |
| प्रजाति | Panthera tigris |
The Tiger Full Information in Hindi – 2025

The Tiger Full Information In Hindi
Tiger की शारीरिक बनावट कैसी होती है ?
शारीरिक बनावट (Physical Features)
बाघ एक अत्यंत सुंदर और बलशाली जानवर होता है। इसके शरीर पर लगभग 100 से 120 तक काली धारियाँ होती हैं जो हर बाघ में अलग-अलग होती हैं
- रंग: सामान्यतः सुनहरा-नारंगी, पर सफेद बाघ (White Tiger) में यह रंग सफेद और धारियाँ ग्रे या काली होती हैं।
- लंबाई: एक वयस्क नर बाघ की लंबाई पूँछ सहित लगभग 2.7 से 3.3 मीटर तक होती है।
- वजन: सिबेरियाई बाघ का वजन 300 किलोग्राम तक हो सकता है, जबकि बंगाल बाघ का लगभग 220 किलोग्राम।
- ऊँचाई: कंधे तक ऊँचाई लगभग 90 से 110 सेंटीमीटर तक होती है।
- जीवनकाल: प्राकृतिक वातावरण में बाघ लगभग 10–15 वर्ष तक जीवित रह सकता है, जबकि चिड़ियाघरों में यह 20 वर्ष तक जी सकता है।
बाघ की दृष्टि रात्रि में भी बहुत तेज होती है, जिससे यह अंधेरे में भी शिकार कर सकता है। इसके पैरों में गद्देदार पंजे होते हैं जो इसे बिना आवाज़ किए चलने में मदद करते हैं।
tiger मुख्यतः कहाँ पाए जाते हैं ?
आवास और वितरण (Habitat and Distribution)
बाघ मुख्यतः एशिया के देशों में पाया जाता है। इनका फैलाव भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, चीन, म्यांमार, रूस के सिबेरिया के ठंडे जंगलों से लेकर इंडोनेशिया के गर्म द्वीपों तक — बाघ ने हर जगह खुद को ढाल लिया है। बाघ घने जंगलों, दलदलों, घास के मैदानों, और बांस के झुरमुटों में रहना पसंद करता है।
- भारत में सबसे प्रसिद्ध बाघ संरक्षण क्षेत्र हैं — सुंदरबन, कान्हा, बांधवगढ़, रणथंभौर, कॉर्बेट, और सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान।
- बाघ को अक्सर पानी के स्रोतों के पास रहना पसंद है क्योंकि यह तैरना पसंद करता है और गर्म मौसम में ठंडा रहने के लिए पानी में बैठा रहता है।
Tiger की मुख्य उपप्रजातियाँ कौन सी हैं ?
उपप्रजातियाँ (Subspecies of Tiger)
वर्तमान दुनिया में 6 मान्य उपप्रजातियाँ हैं:-
- बंगाल बाघ (Panthera tigris tigris) – भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश
- साइबेरियाई बाघ (Panthera tigris altaica) – रूस और उत्तरी चीन
- इंडोचाइनीज़ बाघ (Panthera tigris corbetti) – दक्षिण-पूर्व एशिया
- मलायन बाघ (Panthera tigris jacksoni) – मलेशिया और थाईलैंड
- सुमात्रन बाघ (Panthera tigris sumatrae) – सुमात्रा द्वीप
- दक्षिण चीन बाघ (Panthera tigris amoyensis) – लगभग विलुप्त
🔸 इनके अलावा अन्य 3 प्रजातियाँ — जावन, बाली, कैस्पियन बाघ — अब विलुप्त हो चुकी हैं।
Tiger क्या खाता है ?
आहार और शिकार (Diet and Hunting)
बाघ मांसाहारी है और उसका मुख्य आहार जंगली जानवर होते हैं जैसे — हिरन, नीलगाय, जंगली सूअर, भैंस, सांभर, बंदर आदि।
बाघ अपने शिकार का पीछा नहीं करता, बल्कि छिपकर इंतजार करता है और फिर तेज़ छलांग लगाकर उसे पकड़ लेता है।
यह एक बार में अपने वजन के बराबर शिकार को गिरा सकता है।
शिकार के बाद यह पहले गर्दन या गले पर दाँत गड़ाता है जिससे शिकार का दम घुट जाता है। बाघ एक बार में 30 से 40 किलो तक मांस खा सकता है और फिर कई दिन तक भोजन नहीं करता।l
व्यवहार (Behavior)
बाघ अकेला रहने वाला जीव है, यानी यह समूह में नहीं रहता। हर बाघ का अपना क्षेत्र होता है, जिस पर यह अधिकार रखता है और दूसरे बाघों को आने नहीं देता।
- नर और मादा केवल प्रजनन के समय साथ आते हैं।
- बाघ मुख्यतः रात्रिचर (Nocturnal) होता है, यानी यह रात में सक्रिय रहता है।
- यह बहुत अच्छा तैराक होता है और जरूरत पड़ने पर कई किलोमीटर तक तैर सकता है।
- बाघ अपने क्षेत्र की पहचान पेशाब, खरोंच और आवाज़ से करता है।
Tiger कैसे प्रजनन करता है ?
प्रजनन और जीवनचक्र (Reproduction and Lifecycle)
- मादा बाघनी का गर्भकाल लगभग 105 दिन (3.5 महीने) का होता है।
- एक बार में वह 2 से 4 शावकों को जन्म देती है।
- बच्चे पहले कुछ हफ्तों तक अंधे होते हैं और पूरी तरह माँ पर निर्भर रहते हैं।
- नर बाघ बच्चों की परवरिश में हिस्सा नहीं लेता।
- बाघनी अपने बच्चों को लगभग 2 साल तक अपने साथ रखती है, उसके बाद वे खुद अपना इलाका ढूँढते हैं।

Tiger और मानव के बीच कैसा संबंध है ?
बाघ और मानव संबंध
बाघ हमेशा से मानव की कल्पना और संस्कृति का हिस्सा रहा है।
- भारतीय पौराणिक कथाओं में देवी दुर्गा बाघ पर सवार होकर असुरों का नाश करती हैं।
- चीन में बाघ शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
- बाघ की छवि खेल, फिल्मों और राष्ट्रीय प्रतीकों में भी व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।
हालांकि, मनुष्य द्वारा शिकार और आवास नष्ट करने के कारण बाघों की संख्या तेजी से घटती गई। एक समय भारत में लाखों बाघ थे, परंतु 1970 तक इनकी संख्या केवल कुछ हजार रह गई थी।
2025 में Tiger की कुल कितनी संख्या है ?
2025 में बाघ की अनुमानित संख्या निम्नलिखित है:(The Tiger Full Information in Hindi – 2025)
- भारत में लगभग 3,682 बाघ पाए गए हैं।
- वैश्विक स्तर पर बाघों की संख्या लगभग 5,500 – 5,600 के आसपास अनुमानित है।
Tiger की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
संरक्षण (Conservation)
बाघों की घटती संख्या को देखते हुए भारत सरकार ने 1973 में “प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger)” शुरू किया। इसका उद्देश्य था —
- बाघों का शिकार रोकना
- उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना
- जनजागरूकता फैलाना
आज भारत में लगभग 3,6000 से अधिक बाघ हैं, जो विश्व की कुल बाघ जनसंख्या का लगभग 75% हिस्सा हैं।
बाघ संरक्षण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले संस्थान हैं:
- नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA)
- वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF)
- वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII)
इन प्रयासों के कारण बाघों की संख्या में लगातार सुधार हो रहा है, लेकिन अवैध शिकार और जंगलों की कटाई अब भी चुनौती का विषय बना हुआ है।
Tiger के कुछ रोचक तथ्य क्या हैं?
रोचक तथ्य (Interesting Facts)
- बाघ एकमात्र बिल्ली है जो तैरना पसंद करती है।
- प्रत्येक बाघ की धारियाँ अलग होती हैं — कोई भी दो बाघ समान नहीं होते।
- सफेद बाघ कोई अलग प्रजाति नहीं, बल्कि आनुवंशिक बदलाव का परिणाम है।
- बाघ के दाँत लगभग 3 इंच (7.5 सेंटीमीटर) लंबे होते हैं।
- यह एक छलांग में 10 मीटर तक कूद सकता है।
- बाघ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ सकता है — लेकिन केवल कुछ सेकंड के लिए।
- इसकी दहाड़ लगभग 3 किलोमीटर दूर तक सुनी जा सकती है।
- मादा बाघनी अपने शावकों के प्रति अत्यंत सुरक्षात्मक होती है।
वर्तमान समय मे Tiger की स्थिति और खतरे क्या हैं ?
वर्तमान स्थिति और खतरे
वर्तमान में, अंतर्राष्ट्रीय संगठन IUCN (International Union for Conservation of Nature) ने बाघ को “विलुप्तप्राय प्रजाति (Endangered Species)” के रूप में सूचीबद्ध किया है। (The Tiger Full Information in Hindi – 2025)
विश्वभर में बाघों की अनुमानित संख्या 2024 के अनुसार लगभग 5,500 के आसपास है।
भारत, नेपाल, रूस और भूटान जैसे देशों में संरक्षण प्रयासों के कारण संख्या में कुछ वृद्धि देखी गई है।
बाघों के सामने सबसे बड़ा खतरा है —
- अवैध शिकार
- जंगलों की कटाई
- मानव बस्तियों का बढ़ना
- जलवायु परिवर्तन
IUCN Red List में बाघ को “Endangered (विलुप्तप्राय)” श्रेणी में रखा गया है।
The Tiger Full Information in Hindi – 2025

International Big Cat Alliance
Tiger और बड़ी बिल्लियों के संरक्षण के लिए किया गया प्रयास के लिए पढ़ें – The Big Cat allianc https://earthipediaa.com/international-big-cat-alliance/
निष्कर्ष (Conclusion)
बाघ केवल एक जंगली जानवर नहीं है — यह हमारे पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका अस्तित्व वन पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत को दर्शाता है। यदि बाघ बचे रहेंगे तो जंगल भी जीवित रहेंगे।
हमें बाघों की रक्षा के लिए अवैध शिकार पर रोक, जंगलों का संरक्षण, और जनता में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास जारी रखने होंगे।
बाघ हमारे गर्व, शक्ति और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है — “अगर बाघ बचेंगे, तो जंगल बचेगा, और जंगल बचेगा तो जीवन बचेगा।”